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Monday, June 26, 2023

बातें और यादें

होठों पर आ जाती है कभी कभी.. कुछ छोटी सी बातें,

उन बातों से बन जाती है बहुत सी फिर यादें,

यादें हैं कि जैसे बादल, उमड़ घुमड कर आये,

बरसे सावन जैसे, फिर हरियाली लाये,

आता है जब सावन तो सब पत्ते और बगियाँ खिलते हैं,

पर जब ज्यादा होती है बारिश, नदी नहर भरते है,

यादें भी कुछ ऐसी होती, लाती कभी बहुत सी खुशियाँ ,

और कभी कुछ यादें लाती मयूसी की घड़ियां,

मुख पर कुछ ऐसा लाओ जो मुस्कान बनाये,

आने वाले कल में भी वो, एक पहचान बनाये,

आज कहा कल याद आएगा, कुछ तो ख़ुशी लाएगा,

बीता गया जो अब, फिर वापस ना आएगा,

कह लो आज, बनालो यादें, जी लो इस पल को,

बीत जायेंगे ये पल जब, याद करोगे कल को।